कंप्यूटर की पीढियां||Generation of Computer in Hindi

दोस्तों कभी ना कभी आपने computer के बारे में तो जरुर सुना होगा या फिर आप use भी करते होंगे. सन 1940 से लेके आज तक के computers में कभी कुस बदलाव आया हे. उशी से जुरे आज हम आपको Generation of computer in Hindi में पूरी जानकारी आपके साथ share करेंगे.

आज के समय में Computer हर क्षेत्र में प्रयोग किया जा रहा है चाहे तो हॉस्पिटल हो या डिफेन्स और या फिर बैंक हो या स्कूल, आज के समय में किसी organization के सभी कर्मचारियों और उसके सभी तरह के डाटा की जानकारी रखना या फिर किसी बिज़नेस का सारा हिसाब रखना किसी इन्सान के बस का नही है.

इसलिए आज के समय में ये सभी काम Computer पर किये जाते है जिससे ये सभी काम बिना किसी परेशानी के किये जा सके. इस आर्टिकल में हम आपको Computer के विकास के बारे में जानकारी देगे कि कब Computer बना और इसने किस तरह लोगो के काम को आसान बना दिया.

जब Computer को पहली बार बनाया गया उस समय Computer आकार में एक पूरे कमरे जितना बड़ा था और इसके बाद इसका विकास होता गया और इसका आकार छोटा होता गया और इसके काम करने की स्पीड बढती गयी।

Computer के विकास की इस समय को Computer की पीढ़ी के रूप में जानते है। इस आर्टिकल में हम आपको Computer की पीढ़ी के बारे में सभी जानकारी देंगे। अगर आप Computer की पीढ़ियों के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो आप इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

Computer की पीढियां (Generation of Computer in Hindi)

Computer की Technology आज के युग में सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गया है इसके बिना कार्य करना असंभव हो गया है, Computer को पहली बार सन 1833 में जब Computer के पिता कहे जाने वाले Charles Babbage ने पहली बार डेवेलोप किया गया था हालाँकि ये आज के जैसा Computer नही है इन्होंने 1833 में analytical Engine बनाया था जिस पर आज के समय के सभी Computer काम करते है.

जैसे – जैसे Technology आगे बड़ी बैसे – बैसे Computer के आकर और उनकी गति में काफी कुछ बदलाव किये गए, और आज इस टेक्नोलॉजी  पर कई प्रकार के कंप्यूटर मौजूद है जिनके बारे में आज हम आपको Detail में जानकारी साझा करने जा रहे है तो चलिए जानते है –

Computer की पहली पीढ़ी (First Generation of Computer) :

Computer की पहली 1940 से 1956 के बीच की मानी जाती है। इस पहली पीढ़ी के computers में Vacuum tubes को circuitry की तरह इस्तेमाल किया जाता था, और Computer की मेमोरी के लिए magnetic drum का प्रयोग किया जाता था।

इस पीढ़ी के Computer बहुत ज्यादा electricity की खपत करते थे और ये Computer बहुत ज्यादा गर्मी उत्पन्न करते थे इसलिए इन Computers को ठंडा रखने के लिए एयर कंडीशन का इस्तेमाल किया जाता था।

ये computers आज के Computer की तुलना में बहुत स्लो थे और इन computers का calculation करने का समय millisecond था मतलब किसी तरह की कोई कैलकुलेशन करने के लिए पहली पीढ़ी के computers मिलिसेकंड का समय लेते थे।

पहली पीढ़ी के computers के नाम:

  1. ENIAC
  2. EDVAC
  3. <>Computer की पीढियां (Generation of Computer in Hindi)एं (Features of first generation computers)

    पहली पीढ़ी के computers में कई विशेषताएं थी –

    •  पहली पीढ़ी के computers किसी तरह की कोई कैलकुलेशन करने के लिए मिली सेकंड का समय लेते है।
    •  इन computers को चलाने के लिए मशीनी भाषा का प्रयोग किया जाता था।
    •  ये पहली पीढ़ी के computers आकार में बहुत बड़े और इनका बजन भी बहुत था जिसकी वजह से इनको ट्रांसपोर्ट करना बहुत कठिन काम था।
    •  ये computers बहुत महगे होते थे और इन computers को चलाने के लिए बहुत अधिक मात्रा में बिजली की जरूरत पड़ती थी
    •  इन computers में डाटा को इनपुट कराने के लिए पंच कार्ड का प्रयोग किया जाता था।
      Computer की दूसरी पीढ़ी (Second Generation of Computer) :

    Computer की दूसरी पीढ़ी 1956 से लेकर 1963 तक मानी जाती है। इस पीढ़ी के computers में Vacuum tubes की जगह ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया जाने लगा था। ट्रांजिस्टर आकार में Vacuum tubes से बहुत छोटे थे और ये vacuum tube की तुलना में काम बहुत तेजी से करते थे और साथ ही ये Electricity की खपत भी कम करते थे।

    इससे ये computers पहली पीढ़ी के computers की अपेक्षा कम गर्मी उत्पन्न करते थे और इनका आकार भी छोटा हो गया था।

    अब इन computer>Computer की पहली पीढ़ी (First Generation of Computer) :ी जाने लगा था और इन इन computer languages का नाम COBOL और FORTRAN था। । ये computers कैलकुलेशन के लिए batch प्रोसेसिंग का इस्तेमाल करते थे।

    दूसरी पीढ़ी के नाम:

    1. IBM 1620
    2. IBM 7094
    3. CDC 1604
    4. UNIVAC 1108

    दूसरी पीढ़ी के computers की विशेषताएं (Features of second generation computers)

    दूसरी पीढ़ी के computers में पहली पीढ़ी से भी ज्यादा विशेषताएं थी-

    •  दूसरी पीढ़ी के computers की सबसे बड़ी विशेषता ये थी कि ये दूसरी पीढ़ी के computers ट्रांजिस्टर से बनाये गये थे।
    •  ये computers पहली पीढ़ी के computers की तुलना में काफी फ़ास्ट थे और आकार में भी काफी छोटे हो गये थे।
    • ये computers बिजली की खपत कम करते थे और कम गर्मी produce करते थे।
    •  इन computers में मशीन भाषा कि जगह पर हाई लेवल लैंग्वेज का प्रयोग किया जाने लगा जैसे FORTRAN और COBOL का प्रयोग किया जाता है।
    •  दूसरी पीढ़ी के computers पहली पीढ़ी के computers की तुलना में जल्दी कैलकुलेशन कर देते थे।
    • इस पीढ़ी के computers में इनपुट के लिए पंच कार्ड का प्रयोग किया जाता था और जबकि output के लिए प्रिंट आउट पर निर्भर रहना पड़ता था।

    Computer की तीसरी पीढ़ी (Third Generation of Computer) :

    Computers की तीसरी पीढ़ी की शुरुआत 1964 से 1971 तक मानी जाती है। इस पीढ़ी के computers में transistor की जगह पर Integrated circuit का इस्तेमाल किया जाने लगा था। एक Integrated circuit को बहुत से ट्रांजिस्टर को एक ही सिलिकॉन चिप में रख कर बनाया जाता है। इस Integrated Circuit के इस्तेमाल से computers के काम करने की गति बढ़ गयी और उनका साइज़ भी छोटा हो गया।

    अब इन computers को ठंडा रखने के लिए एयर कंडीशन की जरूरत नही पड़ती थी और ये तीसरी पीढ़ी के एक साथ कई सारी कैलकुलेशन करने में सक्षम थे। इसी तीसरी पीढ़ी के computers में पहली बार keyboard और mouse का प्रयोग किया गया, जिससे Computer पर काम करने में ज्यादा परेशानी नही होती थी।

    तीसरी पीढ़ी के Computers के नाम :

    1. IBM-360 Series
    2. Honeywell – 6000 series
    3. IBM 370
    4. TDC 316

    तीसरी पीढ़ी के Computers की विशेषताएं (Features of Third Generation Computers)

    • तीसरी पीढ़ी के Computers में ही सबसे पहली बार integrated circuit का प्रयोग किया गया।
    • IC के प्रयोग से ये computers किसी भी तरह की कैलकुलेशन को बाकी की जनरेशन के computers से जल्दी कर सकते थे।
    • तीसरी पीढ़ी के Computers के computers आकार में और भी छोटे हो गये थे और अब ये computers एक मेज पर आ सकते थे।
    •  इन computers में बिजली की खपत काफी कम होने लगी थी।
    • इन तीसरी पीढ़ी के Computers में पहली बार Computer पर काम करने के लिए माउस और कीबोर्ड का प्रयोग किया गया।
    • इन तीसरी पीढ़ी के Computers में high level language जैसे FORTRAN, COBOL, PASCAL, BASIC, ALGOL का प्रयोग किया जाने लगा था।

    Computer की चौथी पीढ़ी (Fourth Generation of Computer)

    Computers की इस चौथी पीढ़ी की शुरुआत 1971 से till date तक मानी जाती है। इस पीढ़ी के computers में Integrated circuit की जगह पर VLSI (Very Large Scale Integrated) circuit का इस्तेमाल किया गया। इस VLSI को माइक्रो प्रोसेसर भी कहा जाता है। यह माइक्रो प्रोसेसर बहुत सी integrated circuit को एक साथ एक सिलिकॉन चिप में रख कर बनाये जाते है। एक माइक्रो प्रोसेसर में लगभग 5000 ट्रांजिस्टर लगाये जाते थे।

    पहला माइक्रो प्रोसेसर 1971 में Intel कंपनी द्वारा बनाया गया था और इसका नाम “Intel 4004” रखा गया था। Computer की इस चौथी पीढ़ी computers में पहली बार MS DOS और Windows जैसे operating system का प्रयोग किया गया। और इसी प्रोसेसर पर IBM ने 1981 में पहली बार माइक्रो Computer डेवेलोप किया जिसको हम पर्सनल Computer भी कहते है। यह computers पिछली सभी जनरेशन के Computer से अधिक तेजी से काम करते थे।

    चौथी पीढ़ी के Computers के नाम :

    1. Dec 10
    2. Star 1000
    3. PDP 11
    4. CRAY 1
    5. PCs

    चौथी पीढ़ी के Computers की विशेषताएं (Features of fourth generation computers)

    इस चौथी पीढ़ी के Computers की कई विशेषताएं है

    • इन चौथी पीढ़ी के Computers में सबसे पहली बार VLSI का प्रयोग किया गया जिससे computers के कैलकुलेशन करने में बहुत तेजी आयी।
    • चौथी पीढ़ी के Computers बाकी सभी पीढ़ियों के computers से कम बिजली की खपत करते थे और इन पर काम करने में काफी आराम हो गया।
    •  इन computers पर आप मल्टीटास्किंग भी कर सकते थे।
    • इन computers में आप high level language और ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टाल कर सकते थे।

    Computer की पांचवी पीढ़ी (Fifth Generation of Computer)

    इस पीढ़ी के computers 1980 से भविष्य तक के माने जाते है। इन computers में VLSI के प्रोसेसर की जगह पर ULSI (Ultra Large Scale Integration) के प्रोसे>दूसरी पीढ़ी के computers की विशेषताएं (Features of second generation computers) वाले होते है।

    इस पांचवी पीढ़ी के computers का मुख्य काम parallel Processing और Artificial Intelligence है। इस पीढ़ी के computers इंसानों जैसे काम सकते है और इंसानों से बात भी कर सकते है।

    इस पीढ़ी के computers को आप अपने हाथ में लेकर या फिर अपनी जेब में carry कर सकते है। यह computers काम करने में बहुत एडवांस है और इंसान के मुकाबले कई गुना तेजी से काम कर सकते है।

    पांचवी पीढ़ी के computers के नाम 

    1. super computer
    2. Mini computers
    3. Hologram Computers

    पांचवी पीढ़ी के Computers की विशेषताएं (Features of fifth generation computers)

    पांचवी पीढ़ी के Computers में ULSI technology का प्रयोग होता है जिसके कारण ये बहुत फ़ास्ट प्रोसेसिंग करते है।

    • आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का डेवलपमेंट
    •  पोर्टेबल computers का डेवलपमेंट
    • फ़ास्ट डाटा कम्युनिकेशन
    • Quantum computing
    • Natural language Processing
    • Nano technology

    Conclusion:

    दोस्तों आज के इस आर्टिकल में बस इतना ही. आसा करता हु की आप सबको Generation of Computer in Hindi में पूरी जानकारी मिल गये होंगे. आज हम देखे तो personal computer (PC) का use कर रहे हे. तब से लेके अब तक देखा जाये तो कंप्यूटर का जमीन असमान का फरक हे. हमे Computer की पीडियो के बारे में जरुर जानक>Computer की तीसरी पीढ़ी (Third Generation of Computer) :ाये. और आर्टिकल अत्छा लगा हे तो इ दोस्तों के साथ साथ Facebook, Twitter और LinkedIn पर जरुर share करे.

    • तीसरी पीढ़ी के Computers की विशेषताएं (Features of Third Generation Computers)ckground" onclick='heateorSssPopup("http://www.linkedin.com/shareArticle?mini=true&url=https%3A%2F%2Foddwit.com%2Fgeneration-of-computer-in-hindi%2F&title=%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%7C%7CGeneration%20of%20Computer%20in%20Hindi")'>
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